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Wednesday, April 29, 2026

‘चुनाव सुधार और नागरिक सशक्तिकरण’ पर दिल्ली में कार्यक्रम का आयोजन

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नई दिल्ली, 26 अप्रैल 2026 —ऑल इंडिया एजुकेशनल मूवमेंट (AIEM) ने लीगल कनेक्ट दिल्ली के सहयोग से आज ओखला स्थित ‘द स्कॉलर स्कूल’ में “चुनाव सुधार और नागरिक सशक्तिकरण” विषय पर एक कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। जहां कार्यक्रम की अध्यक्षता एआईईएम के सरपरस्त व तस्मिया एडुकेशन सोसाइटी के डॉ एस फ़ारूक़ ने की तो वही मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री व इंडियन इस्लामिक कल्चर सेंटर के अध्यक्ष सलमान खुर्शीद ने शिरकत की।

गौरतलब है कि कार्यक्रम के उद्घाटन भाषण में AIEM के अध्यक्ष डॉ. ख्वाजा एम. शाहिद ने चुनावों में धनबल और जनशक्ति के प्रभाव पर जोर दिया और AIEM के संस्थापक सैयद हामिद को श्रद्धांजलि अर्पित की।

जहां मुख्य वक्ता के तौर पर भारत के पूर्व उपमुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. नूर मोहम्मद ने अपना भाषण देते हुए नागरिकों के अधिकारों और चुनाव सुधारों की आवश्यकता पर बात की और ‘फर्स्ट पास्ट द पोस्ट’ प्रणाली के मुकाबले ‘आनुपातिक प्रतिनिधित्व’ प्रणाली के साथ अन्य सुधारात्मक बिंदुओं पर खासतौर से चर्चा की।
तो वही प्रोफेसर वीके त्रिपाठी ने विशेष अतिथि के तौर पर शिरकत करते हुए अपनी बात रखी और कॉरपोरेट को डेमोक्रेटिक सिस्टम को प्रभावित करने के लिए ज़िम्मेदार माना।

कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड असलम अहमद ने मंच का संचालन करते हुए दुनियां के अन्य देशों में हो रहे चुनाव सुधारों पर अपने विचार साझा किए। तो वहीं एआईईएम के महासचिव अब्दुल रशीद ने अतिथियों का स्वागत किया, जिसके बाद एडवोकेट ज़ाहिद अख्तर फलाही ने ‘लीगल कनेक्ट दिल्ली’ का परिचय दिया

अन्य वक्त के तौर पर डॉ. खान यासिर ने “राजशाही पर लोकतंत्र” विषय पर बात करते हुए आगाह किया कि लोकतंत्र को बहुसंख्यकवाद में नहीं बदलना चाहिए।

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सैयद कासिम रसूल इलियास ने चुनाव सुधारों की आवश्यकता पर चर्चा की और विशेष रूप से उल्लेख किया कि चुनावी बॉन्ड मौजूदा व्यवस्था को कैसे प्रभावित करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने आधुनिक चुनावों की जमीनी हकीकत और चुनौतियों पर प्रकाश डाला ।

कार्यक्रम का समापन मुख्य अतिथि जनाब सलमान खुर्शीद (पूर्व केंद्रीय मंत्री) के संबोधन के साथ हुआ, जिन्होंने सरकारी प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए लंबे विधायी सत्रों की वकालत की और जर्मनी के अनुपातिक प्रतिनिधित्व मॉडल पर चर्चा का सुझाव दिया।
जहां कार्यक्रम का आगाज़ मंसूर ग़ाज़ी द्वारा पवित्र कुरान पढ़कर किया तो वहीं दिल्ली हाईकोर्ट के एडवोकेट रईस अहमद ने देशभर से कर्यक्रम में शिरकत करने आये मेहमानों का शुक्रिया अदा किया।

इस कार्यक्रम में देशभर के कानूनी विशेषज्ञों, पूर्व प्रशासकों और नागरिक समाज के नेताओं के साथ मुशावरत दिल्ली अध्यक्ष डॉ इदरीस कुरेशी,
मोहम्मद इल्यास सैफ़ी, सीनियर जर्नलिस्ट सैय्यद मंसूर आग़ा, एडवोकेट शम्स ख्वाजा, एनआईओएस के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर अब्दुल समद,
पूर्व डीएसपी अख्तर सैफ़ी, क़ाज़ी मोहम्मद मियां, पूर्व वक़्फ़ कमिश्नर व एडवोकेट शहज़ाद, एडवोकेट सलीम, शाहीन क़ौसर, हापुड़ से खासतौर से शिरकत करने आये मेरठ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर खालिद, एडवोकेट फराह नाज़, जमात ए इस्लामी के सचिव इनाम उर रहमान, ऐजाज़ गौरी के अलावा सैकड़ो लोगों ने भारतीय लोकतंत्र के बदलते परिदृश्य पर चर्चा करने के लिए शिरकत की ।

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